हैदराबाद में नशीले पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में, एलीट एक्शन ग्रुप फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट (ईगल) ने शहर में चल रहे अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. इसमें एक इंजीनियरिंग ग्रैजुएट को गिरफ्तार किया गया है, जो एक उद्यमी भी है. हालांकि, हैरानी की बात ये है कि ये नेटवर्क बेहद चालाकी से सैंडल की हील में कोकीन को छिपा कर उसे बेच रहा था और इसके लिए कुरियर सर्विस का भी इस्तेमाल कर रहा था.

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25 आरोपियों की पहचान की गई

इस कार्रवाई में 25 आरोपियों की पहचान की गई है और एक प्रमुख होटल उद्यमी और पांच अन्य को गिरफ्तार किया गया है. इस कार्रवाई में एक गठजोड़ का पर्दाफाश हुआ है – जो नाइजीरियाई ड्रग सप्लायरों, हैदराबाद के आलीशान पबों और कूरियर मार्गों के जरिए तकनीकी विशेषज्ञों, डॉक्टरों, रियल एस्टेट और फूड एंड बेवरेजेस के कारोबार को जोड़ता था.

मुख्य आरोपी गिरफ्तार

मामले में गिरफ्तार किया गया मुख्य आरोपी 34 वर्षीय सूर्या अन्नामनेनी है, जो एक इंजीनियरिंग और एमबीए ग्रैजुएट है और कोमपल्ली का निवासी है. इसके साथ ही वह ‘मलनाडु किचन’ रेस्टोरेंट का मालिक भी है. विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर, ईगल ने अन्नामनेनी को उसके रेस्टोरेंट के पास रोका और उसकी कार की तलाशी ली. उसकी टाटा स्कॉर्पियो की तलाशी में नशीले पदार्थों का एक जखीरा मिला, जिसमें 10 ग्राम कोकीन, 3.2 ग्राम ओजी कुश (गांजा) और 1.6 ग्राम एक्स्टसी की गोलियां शामिल थीं. चौंकाने वाली बात यह है कि कोकीन एक महिला के सैंडल के हील कम्पार्टमेंट में छिपा हुआ था, जिसे गुलाबी कार्डबोर्ड बॉक्स में बड़ी सावधानी से पैक किया गया था और श्री मारुति कूरियर के जरिए दिल्ली से ‘फातिमा’ नाम से भेजा गया था. यूनिट ने कहा कि यह तरीका ड्रग सिंडिकेट द्वारा पकड़े जाने से बचने के लिए अपनाए जा रहे बढ़ते परिष्कार को दर्शाता है.

पहले सेल्स मैनेजर का काम करता था आरोपी

अन्नामनेनी 2020 में बेंगलुरु में सेल्स मैनेजर के रूप में काम करता था. इसके बाद वह हॉस्पिटैलिटी के काम में घुसा था और हैदराबाद आ गया था. जानकारी के मुताबिक उसने मनोरंजन के लिए इसे शुरू किया था लेकिन जल्द ही यह बड़े पैमाने पर खरीद औऱ वितरण के काम में बदल गया.

कबूलनामें में बड़े नेटवर्क की मिली जानकारी

उसके कबूलनामे से हिमायतनगर, करीमनगर और खाजागुड़ा में आपूर्तिकर्ताओं के एक विशाल नेटवर्क का पता चला है. इससे भी ज़्यादा गंभीर बात यह है कि उसने दिल्ली, बेंगलुरु और गोवा में सक्रिय नाइजीरियाई ड्रग तस्करों के एक मजबूत नेटवर्क के साथ अपने लेन-देन का खुलासा किया, जिनकी पहचान निक, जेरी, डेज़मंड, स्टेनली और प्रिंस के रूप में हुई है.

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नाइजीरियाई नागरिक के खातों में हुए वित्तीय लेन-देन

बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन, जिसमें “टर्नियन हॉस्पिटैलिटी” (अन्नामनेनी के रेस्टोरेंट से जुड़ी एक व्यावसायिक संस्था) के जरिए 1.39 लाख रुपये और एटीएम के जरिए 41,000 रुपये नाइजीरियाई नागरिक निक के केनरा बैंक और एचडीएफसी बैंक के बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए हैं. बदले में, कोकीन और एमडीएमए को घरेलू सामानों में चालाकी से छिपाकर कूरियर के ज़रिए भेजा गया. फिर ड्रग्स को आगे वितरण के लिए अन्नामनेनी की कार या रेस्टोरेंट में रखा जाता था.

बड़े पबों पर उठ रहे हैं सवाल

अन्नामनेनी ने इन प्रतिष्ठानों में अक्सर जाने और “छिपे हुए या प्रतिबंधित क्षेत्रों” में ड्रग्स लेने की बात स्वीकार की, जिससे इन पबों की ड्रग्स सेवन में मिलीभगत पर सवाल उठे. उसने गोवा की कई यात्राओं और 2022 में नई दिल्ली की यात्रा की बात भी कबूल की, जहां उसने नाइजीरियाई आपूर्तिकर्ताओं से कोकीन खरीदी थी. यह मामला बताता है कि किस तरह से भारतीय शहरों में नए-नए तरीकों से ड्रग माफिया अपने उद्देश्यों को पूरा कर रहे हैं और ड्रग्स की सप्लाई कर रहे हैं.

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Alok Kumar Srivastava
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