महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शुक्रवार को कहा- पुणे की जिस विवादित जमीन को मेरे बेटे पार्थ पवार से जुड़ा बताया जा रहा है, वह डील रद्द कर दी है। यह जानकारी देने से पहले पवार ने आज ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की।
इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था- महाराष्ट्र में दलितों के लिए आरक्षित ₹1800 करोड़ की सरकारी जमीन मंत्री के बेटे की कंपनी को सिर्फ ₹300 करोड़ रुपए में बेच दी गई।
राहुल गांधी ने X पोस्ट में आगे लिखा- ऊपर से स्टाम्प ड्यूटी भी हटा दी गई। मतलब एक तो लूट, और उसपर कानूनी मुहर में भी छूट। ये उस सरकार की जमीन चोरी है, जो खुद वोट चोरी से बनी है। उन्हें पता है, चाहे जितना भी लूटें, वोट चोरी कर फिर सत्ता में लौट आएंगे।
दरअसल, गुरुवार को अजित पवार के बेटे पार्थ पवार की कंपनी पर करोड़ों की जमीन हड़पने का आरोप लगा। मामले में एक अधिकारी को सस्पेंड भी कर दिया गया है। सरकार ने जांच के लिए हाई-लेवल कमेटी बनाई है।
