तिरुपति: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने तिरुपति में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि भारत का लक्ष्य केवल सुपरपावर बनना नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे विश्वगुरु का दर्जा भी हासिल करना चाहिए।
भागवत ने जोर देकर कहा कि धर्म और विज्ञान में कोई विरोधाभास नहीं है और दोनों का उद्देश्य मानवता और समाज के उत्थान की दिशा में एक ही मंजिल की ओर जाता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकी प्रगति और आध्यात्मिक ज्ञान का संतुलन ही देश को वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जाएगा।
उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे शिक्षा, संस्कृति और विज्ञान के क्षेत्र में योगदान दें और भारत को विश्व में एक प्रेरक और आदर्श देश बनाने में मदद करें।
