पटना। बिहार में भारतीय जनता पार्टी ने सामाजिक संतुलन और संगठनात्मक रणनीति को ध्यान में रखते हुए दरभंगा शहर से विधायक एवं पूर्व मंत्री संजय सरावगी को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। इस फैसले के साथ भाजपा ने साफ संकेत दिया है कि पार्टी की राजनीति में पिछड़ा वर्ग केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि नेतृत्व की केंद्रीय धुरी है।
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56 वर्षीय संजय सरावगी पिछड़ा वर्ग से आने वाले भाजपा के लगातार चौथे प्रदेश अध्यक्ष बने हैं, जिसे राजनीतिक हलकों में अहम संदेश के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले यादव समाज से नित्यानंद राय, कलवाड़ समाज से संजय जायसवाल और दिलीप जायसवाल बिहार भाजपा की कमान संभाल चुके हैं। अब वैश्य मारवाड़ी समाज से आने वाले संजय सरावगी को पार्टी की बागडोर सौंपी गई है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने संगठन को मजबूत करने और सामाजिक समीकरणों को साधने की रणनीति के तहत यह निर्णय लिया है। संजय सरावगी के नेतृत्व में पार्टी संगठनात्मक मजबूती और जनाधार विस्तार पर विशेष फोकस करेगी।
