नई दिल्ली/रायपुर। भारतमाला परियोजना के तहत सड़क निर्माण के लिए किए गए भूमि अधिग्रहण मुआवजा भुगतान में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई की। इस कार्रवाई के तहत राजधानी रायपुर और महासमुंद सहित कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया।

सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीमें राज्य में कम से कम नौ ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं। यह कार्रवाई रायपुर और विशाखापत्तनम के बीच प्रस्तावित भारतमाला प्रोजेक्ट सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान मुआवजा वितरण में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच के सिलसिले में की जा रही है।

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किस मामले में हो रही है ED की कार्रवाई?

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, मामला भारत माला परियोजना के तहत रायपुर–विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण में मुआवजे के भुगतान से जुड़ा है। आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं और नियमों को दरकिनार कर मुआवजा बांटा गया।

ईडी अधिकारियों के अनुसार, इस छापेमारी में हरमीत सिंह खनूजा, उनके कथित सहयोगियों, कुछ सरकारी अधिकारियों और भूमि मालिकों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया है। जांच के दौरान दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

क्या है भारतमाला परियोजना?

गौरतलब है कि भारत माला परियोजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत देशभर में लगभग 26,000 किलोमीटर लंबे आर्थिक गलियारों का विकास किया जाना है। इस परियोजना का उद्देश्य गोल्डन क्वाड्रिलेटरल, उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम गलियारों को मजबूत करना और सड़कों के जरिए माल ढुलाई को अधिक सुगम बनाना है।

फिलहाल, ईडी की कार्रवाई जारी है। छापेमारी पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस कथित घोटाले में कितनी बड़ी रकम और कितने लोग शामिल हैं। मामले पर आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

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Alok Kumar Srivastava
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