DoT ने देश के करोड़ों मोबाइल यूजर्स को SIM कार्ड बंद होने के नाम पर होने वाले फ्रॉड से बचने के लिए कहा है। दूरसंचार विभाग ने अपने आधिकारिक X हैंडल से इसे लेकर जानकारी शेयर की है। दूरसंचार विभाग ने इसके अलावा फर्जी कॉल्स, मैसेज आदि को रिपोर्ट करने के लिए कहा है। साथ ही, सिम स्वैप फ्रॉड से भी बचने के लिए कहा है। इन दिनों कई यूजर्स ने रिपोर्ट किया है कि उनके पास टेलीकॉम डिपार्टमेंट के नाम से कॉल्स आ रहे हैं और उनका सिम बंद करने की बात कही जा रही है।

Old Vehicles: एक जुलाई से दिल्ली में पुरानी गाड़ियों का क्या होगा, क्या दूसरे राज्यों में चला पाएंगे?

DoT ने लोगों को आगाह करते हुए कहा है कि दूरसंचार विभाग या TRAI या फिर टेलीकॉम कंपनी की तरफ से यूजर्स को सिम कार्ड बंद होने को लेकर न ही कोई कॉल या मैसेज किया जाता है। साथ ही लोगों से इस तरह के कॉल और मैसेज पर ध्यान नहीं देने के लिए कहा है। DoT ने इसके अलावा KYC अपडेट और फर्जी लिंक वाले मैसेज या ई-मेल से भी बचने के लिए कहा है।

कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक में क्या अंतर है? इन लक्षणों से पहचानें, जानें कारण और बचाव के लिए करें ये काम

क्या है SIM Swap फ्रॉड?

डिजिटल वर्ल्ड में यूजर्स अपने बैंक अकाउंट से लेकर सोशल मीडिया अकाउंट्स को टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन के जरिए सुरक्षित रखते हैं। ऐसे में अगर उनके बैंक अकाउंट से कोई भी ट्रांजैक्शन किया जाएगा तो बिना वन-टाइम पासवर्ड या OTP के जरिए वह प्रोसेस नहीं हो पाएगा। इसी तरह सोशल मीडिया अकाउंट्स में लॉग-इन करने के लिए OTP की जरूरत होती है।

साइबर अपराधी इसके लिए यूजर के मोबाइल नंबर के लिए नया सिम कार्ड इश्यू करवाते हैं। इसके लिए वो पहले यूजर को सोशल इंजीनियरिंग के जरिए अपनी जाल में फंसाते हैं और फिर उनके नंबर का नया सिम अपने फोन में एक्टिवेट करवा लेते हैं। इसके बाद यूजर के नंबर पर आने वाले सभी OTP साइबर अपराधी के नंबर पर आएंगे। इस तरह से फ्रॉड को अंजाम दिया जाता है।

SIM Swap के नियमों में बदलाव

कई बार यूजर को यह पता भी नहीं चलता है कि कब साइबर अपराधी ने उन्हें इस जाल में फंसा लिया है। हालांकि, दूरसंचार विभाग ने सिम खो जाने या खराब होने पर नया सिम जारी करने के नियम में बदलाव कर दिया है। अब बिना बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन के नया सिम जारी नहीं किया जाता है। साथ ही, नया सिम जारी होने के 24 घंटे तक उस पर इनकमिंग SMS की सुविधा बंद रहती है। ऐसे में अगर किसी यूजर का सिम कार्ड गलती से साइबर अपराधी ने स्वैप करा भी लिया तो उनके पास OTP नहीं आएगा।

कैसे बचें?

दूरसंचार विभाग ने अपनी चेतावनी में कहा है कि किसी भी तरह के फ्रॉड से बचने के लिए लोगों की सतर्कता बेहद जरूरी है। लोगों को अपनी निजी जानकारी किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए।

खास तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर केवल अपने रिश्तेदार और जानने वालों के साथ ही कुछ भी शेयर करना चाहिए। अनजान नंबर या आईडी से आने वाले मैसेज, कॉल आदि को इग्नोर करना चाहिए।

साथ ही, किसी प्राइज मनी, लॉटरी, गिफ्ट आदि वाले मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से साइबर अपराधी आपके फोन या लैपटॉप में घुस जाएंगे और आपकी निजी जानकारी चुरा सकते हैं।

Share.

Alok Kumar Srivastava
Chief Editor

Address :    104, Bharsar, District – Ghazipur, Uttar Pradesh – 233300

Mobile        +91-98388 99305
Email        prabhatdarshan25@gmail.com

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

© 2025 prabhatdarshan.com 

Exit mobile version