हैजर्ड लाइट अब सिर्फ कारों में ही नहीं बल्कि दोपहिया वाहनों में भी दिया जने लगा है। इसे ‘वार्निंग लाइट’ के नाम से भी जाना जाता है, जिसका उद्देश्य सड़क पर दूसरे वाहन चालकों को सतर्क करना होता है। लेकिन ज्यादातर लोग इस लाइट का गलत इस्तेमाल करते देखे जाते हैं। दरअसल, उन्हें पता ही नहीं होता कि इस लाइट का सही इस्तेमाल क्या है और इसे कब जलाना चाहिए।

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आपने अक्सर धुंध या बारिश के दौरान कई वाहनों को हैजर्ड लाइट जलाते हुए देखा होगा। कई बाइक सवार भी ट्रैफिक के बीच से निकलते समय इसे ऑन कर देते हैं। हालांकि, यह सही नहीं है। यहां हम आपको बताएंगे कि चलती गाड़ी में हैजर्ड लाइट जलाना कैसे दुर्घटनाओं को दावत दे सकता है और इसका इस्तेमाल कब करना चाहिए।

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समझें हैजर्ड लाइट का उद्देश्य
हैजर्ड लाइट वाहन में मिलने वाला एक अहम सेफ्टी फीचर है, जिसका उद्देश्य वाहन की विजिबिलिटी को बढ़ाना है। कार के डैशबोर्ड पर एक लाल रंग का हैजर्ड लाइट बटन होता है, जिसे दबाते ही कार के चारों इंडिकेटर एक साथ जलने और बुझने लगते हैं। यह लाइट लगातार फ्लैश करती है, जिससे वाहन की उपस्थिति अधिक स्पष्ट हो जाती है।

बारिश में हैजर्ड लाइट जलाने के नुकसान
हालांकि, इसे हर स्थिति में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। उदाहरण के लिए, बारिश या धुंध के दौरान चलती गाड़ी में हैजर्ड लाइट का उपयोग करना सही नहीं है, क्योंकि एक तो पहले ही बारिश के कारण विजिबिलिटी कम होती है, ऊपर से लाइट फ्लैश होने के वजह से दूसरे वाहन चालकों को देखने में परेशानी हो सकती है।

इसे न जलाने के दूसरी वजह ये है हैजर्ड लाइट जलाने से टर्न इंडिकेटर काम नहीं करते। ऐसे में दूसरे वाहनों को पता नहीं चलता कि आप किस तरफ मुड़ना चाहते हैं। सड़क पर इसी कन्फ्यूजन के कारण दुर्घटना हो सकती है।

जानें हैजर्ड लाइट का सही इस्तेमाल
एक्सीडेंट होने पर

हैजर्ड लाइट का इस्तेमाल सिर्फ कुछ इमरजेंसी कंडीशन में ही किया जाता है। अगर आप ड्राइविंग कर रहे हैं और सामने किसी दुर्घटना के कारण आपको गाड़ी की स्पीड धीमी करनी पड़े या गाड़ी रोकनी पड़े, तो इस स्थिति में आप हैजर्ड लाइट ऑन कर सकते हैं। इससे पीछे चल रहे वाहनों को यह संकेत मिलेगा कि आगे कुछ समस्या है और वे अपनी स्पीड कम कर लेंगे।

सड़क किनारे पार्क करते समय
इसके अलावा, अगर आपकी गाड़ी में कोई खराबी आ जाए और आपको इसे सड़क किनारे रोकना पड़े, तो आप हैजर्ड लाइट का इस्तेमाल करना चाहिए हैं। जैसे कि अगर टायर पंक्चर हो जाए या फ्यूल खत्म हो जाए तो गाड़ी साइड में लगाकर हैजर्ड लाइट ऑन कर दें। इससे दूसरे वाहनों को पता चलेगा कि आपकी गाड़ी रुकी हुई है।

गाड़ियों के काफिले में
अगर आप किसी काफिले का हिस्सा हैं और आपकी गाड़ी धीमी गति से चल रही है, तो भी आप हैजर्ड लाइट का उपयोग कर सकते हैं. इससे अन्य ड्राइवरों को पता चलेगा कि वे अपनी स्पीड कम रखें।

ब्रेक फेल होने पर
अगर गाड़ी का ब्रेक फेल हो जाए तो आप हैजर्ड लाइट ऑन कर वार्निंग दे सकते हैं कि आपकी गाड़ी में कुछ समस्या है। इससे दूसरे वाहन सतर्क हो जाएंगे।
हैजर्ड लाइट एक महत्वपूर्ण फीचर है, लेकिन इसका सही इस्तेमाल आवश्यक है। गलत समय पर इसका उपयोग न सिर्फ दूसरों के लिए, बल्कि आपके लिए भी खतरा पैदा कर सकता है। इसलिए, इसका उपयोग केवल तब करें जब असल में जरूरत हो।

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Alok Kumar Srivastava
Chief Editor

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