मुंबई। सुरक्षा एजेंसियों ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एक फर्जी वैज्ञानिक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) का अधिकारी बताकर संवेदनशील क्षेत्र में घुसने की कोशिश कर रहा था। आरोपी के पास से तीन पासपोर्ट, 14 संदिग्ध नक्शे और कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनमें संवेदनशील परमाणु डेटा होने की आशंका जताई जा रही है।
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पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजीव शर्मा (35) के रूप में हुई है। वह नकली पहचान पत्र और लैब कोट पहनकर BARC के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उसे रोककर पूछताछ की गई।
जांच के दौरान जब उसके दस्तावेजों की सत्यता जांची गई, तो सभी फर्जी निकले। तलाशी में पुलिस को आरोपी के पास से तीन देशों के पासपोर्ट, BARC से जुड़े 14 विस्तृत नक्शे और डिजिटल ड्राइव में परमाणु प्रयोगों से संबंधित डाटा मिला है।
ATS और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने अब इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी पिछले एक साल से खुद को वैज्ञानिक बताकर कई तकनीकी संस्थानों में घूम रहा था और कथित रूप से “रिसर्च डेटा” एकत्र कर रहा था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की विदेशी संपर्कों से भी पूछताछ की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं यह जासूसी का मामला तो नहीं।
BARC प्रशासन ने कहा है कि संस्थान की सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगी है और सभी संवेदनशील जानकारी सुरक्षित हैं। वहीं, मुंबई पुलिस ने आरोपी के खिलाफ राष्ट्र सुरक्षा अधिनियम (NSA) समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
