दिल्ली: करिश्मा कपूर के पूर्व पति और दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद एक नए मोड़ पर आ गया है। इस संपत्ति में हिस्सा मांगने के लिए करिश्मा के बच्चों- समायरा और कियान ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों और व्हाट्सएप चैट्स से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि संजय कपूर, तलाक के बाद भी करिश्मा और अपने बच्चों के काफी करीब थे और उनके लिए कुछ खास प्लानिंग कर रहे थे।

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बच्चों को पुर्तगाली नागरिकता दिलाना चाहते थे संजय

करिश्मा के बच्चों द्वारा कोर्ट में जमा किए गए कुछ व्हाट्सएप चैट्स और दस्तावेजों से पता चला है कि संजय कपूर अपने बच्चों और करिश्मा को पुर्तगाली नागरिकता दिलाने की कोशिश कर रहे थे। एक चैट में संजय ने करिश्मा से कहा था कि उन्हें पुर्तगाल की नागरिकता पाने के लिए भारत की नागरिकता छोड़नी होगी, क्योंकि भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है। इससे साफ है कि तलाक के बाद भी दोनों के बीच संबंध पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गए थे।

वसीयत को बताया गया ‘जाली’, प्रिया कपूर पर आरोप

करिश्मा के बच्चों ने कोर्ट में दायर याचिका में अपने पिता द्वारा कथित रूप से बनाई गई वसीयत को ‘जाली’ और ‘मनगढ़ंत’ बताया है। बच्चों ने संजय की तीसरी पत्नी प्रिया कपूर पर वसीयत में हेरफेर करने और उन्हें संपत्ति से बेदखल करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, प्रिया के वकील ने अदालत में कहा कि करिश्मा के बच्चों को पहले ही 1900 करोड़ रुपये की संपत्ति मिल चुकी है और वह विधवा हैं, जिनका एक 6 साल का बच्चा है।

संजय की मां भी लाईं नया एंगल

इस विवाद में संजय कपूर की मां रानी कपूर भी शामिल हो गई हैं। उन्होंने प्रिया कपूर पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। रानी कपूर ने यूके के अधिकारियों से अपने बेटे की मौत की जांच कराने की मांग करते हुए कहा है कि उनकी मौत प्राकृतिक नहीं बल्कि किसी साजिश का हिस्सा हो सकती है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि उन्हें अपने बेटे की वसीयत की कोई कॉपी नहीं दी गई है और उन्हें कुछ कागजात पर दस्तखत करने के लिए मजबूर किया गया था।

दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रिया कपूर को संजय कपूर की सभी चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा देने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी, जिसमें इस संपत्ति विवाद पर और भी खुलासे होने की उम्मीद है।

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Alok Kumar Srivastava
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