लिमासोल (साइप्रस): साइप्रस की धरती से पीएम मोदी ने फिर दुनिया को भारत की बढ़ती ताकत का ऐहसास कराया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को साइप्रस के लिमासोल शहर में एक व्यावसायिक गोलमेज सम्मेलन में कहा कि भारत जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। बता दें कि यह सम्मेलन साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडूलाइड्स की उपस्थिति में आयोजित किया गया था। इस दौरान साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को साइप्रस के सर्वोच्च सम्मान ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III से सम्मानित किया।

पीएम मोदी को अब तक मिले 23 अंतरराष्ट्रीय सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2014 से अब तक 23 देशों से सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं। यह सम्मान उनके कुशल नेतृत्व, वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में योगदान को दर्शाते हैं। ये सम्मान भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और प्रधानमंत्री मोदी की प्रभावशाली विदेश नीति का प्रमाण भी हैं।

पीएम मोदी को मिले अब तक सम्मानों की लिस्ट

  • साइप्रस के सर्वोच्च सम्मान ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस III-(2025)
  • श्रीलंकाः मित्र भूषण (2025 )
  • कुवैत – ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर (2024)
  • मॉरीशस – द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन (2025)
  • डोमिनिका – डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर (2024)
  • बारबाडोस – ऑनरेरी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस (2025)
  • नाइजीरिया – ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर (2024)
  • गयाना – ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस (2024)
  • मालदीव – ऑर्डर ऑफ द डिस्टिंग्विश्ड रूल ऑफ निशान इज्जुद्दीन (2019)
  • भूटान – ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो (2021)
  • अफगानिस्तान – स्टेट ऑर्डर ऑफ घाजी अमानुल्लाह खान (2016)
  • सऊदी अरब – ऑर्डर ऑफ अब्दुल अजीज अल सऊद (2016)
  • संयुक्त राज्य अमेरिका – लीजन ऑफ मेरिट (2020)
  • रूस – ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल (2024)
  • संयुक्त अरब अमीरात (UAE) – ऑर्डर ऑफ ज़ायेद (2019)
  • बहरीन – किंग हमद ऑर्डर ऑफ द रेनासां (2019)
  • फिजी – कंपेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी (2023)
  • पापुआ न्यू गिनी – ग्रैंड कम्पेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ लोगोहू (2023)
  • मिस्र – ऑर्डर ऑफ द नाइल (2023)
  • फ्रांस – ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर (2023)
  • ग्रीस – ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ ऑनर (2023)
  • पलाऊ – एबाकल अवार्ड (2023)
  • संयुक्त राष्ट्र:”चैंपियंस ऑफ द अर्थ” पुरस्कार पर्यावरण के क्षेत्र में सबसे बड़ा वैश्विक सम्मान (वर्ष 2018 में)

भारत जल्द बनेगा दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले एक दशक में भारत की आर्थिक प्रगति को रेखांकित करते हुए कहा कि नीति-निर्माण में स्थिरता, व्यावसायिक वातावरण में सुधार, डिजिटल क्रांति और अगली पीढ़ी के सुधारों ने भारत को विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना दिया है। उन्होंने कहा, “भारत आज विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और बहुत जल्द यह तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा। भारत में जीएसटी जैसे कर सुधार, कॉरपोरेट टैक्स में कटौती, कानूनों का अपराधीकरण खत्म करना, और व्यापार में विश्वास बढ़ाने जैसे कई बड़े बदलाव हुए हैं।”

साइप्रस के साथ इन क्षेत्रों मे ंऔर मजबूत होगा सहयोग

इस अवसर पर पीएम मोदी ने साइप्रस के साथ द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती की संभावनाओं पर बल दिया और कहा कि भारत और साइप्रस के बीच व्यापार, निवेश, डिजिटल भुगतान, पर्यटन, रक्षा, लॉजिस्टिक्स और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में गहरा सहयोग हो सकता है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की डिजिटल क्रांति का असर पूरी दुनिया में देखा जा रहा है। “आज दुनिया के 50 प्रतिशत डिजिटल लेन-देन भारत में होते हैं, जिसका श्रेय यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को जाता है,” उन्होंने कहा। इस क्रम में NPCI इंटरनेशनल और यूरोबैंक साइप्रस के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच सीमा-पार भुगतान संभव हो सकेगा।

कई समझौते पर साइप्रस के साथ हस्ताक्षर

साइप्रस और भारत में इस दौरान एक और महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर हुए, जिसमें NSE इंटरनेशनल एक्सचेंज (गिफ्ट सिटी, गुजरात) और साइप्रस स्टॉक एक्सचेंज के बीच सहयोग स्थापित किया गया है। यह यूरोप और भारत के बीच ऐसा पहला वित्तीय सहयोग है।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि कई भारतीय कंपनियां साइप्रस को यूरोप के लिए एक प्रवेश द्वार के रूप में देखती हैं, खासकर आईटी, पर्यटन और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में।

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Alok Kumar Srivastava
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