केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के पिता दाउ लाल वैष्णव का निधन हो गया है। जोधपुर AIIMS में उनका इलाज चल रहा है। जोधपुर AIIMS की तरफ से ही उनके निधन की जानकारी दी गई है। अस्पताल की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया कि दाउ लाल वैष्णव का पिछले कुछ दिनों से AIIMS जोधपुर में इलाज चल रहा था। आज सुबह 11.52 बजे उनका निधन हो गया। इसके साथ ही AIIMS जोधपुर ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।

मुझे धमकियां मिल रही है… इन्फ्लुएंसर राजश्री मोरे ने एमएनएस नेता के बेटे पर लगाया आरोप, पुलिस ने किया गिरफ़्तार

जोधपुर AIIMS ने दी निधन की जानकारी

दरअसल, जोधपुर AIIMS में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के पिता का इलाज चल रहा था। अस्पताल की तरफ से ही उनके निधन की जानकारी दी गई है। आज सुबह 11 बजकर 52 मिनट पर दाउ लाल वैष्णव के निधन की जानकारी जोधपुर AIIMS के द्वारा दी गई। जोधपुर AIIMS ने एक विज्ञप्ति में बताया, “यह अत्यंत दुःख के साथ सूचित किया जाता है कि रेल मंत्री के पिता दाउ लाल वैष्णव जी का आज दिनांक 08 जुलाई 2025 को पूर्वाह्न 11:52 बजे AIIMS जोधपुर में निधन हो गया।”

RCB ने भगदड़ मामले में उठाया बड़ा कदम, CAT के फैसले के खिलाफ किया कर्नाटक हाई कोर्ट का रुख

निधन पर जताया शोक

जोधपुर AIIMS की विज्ञप्ति में आगे बताया, “वह पिछले कुछ दिनों से गंभीर रूप से बीमार थे और AIIMS जोधपुर में उपचाराधीन थे। चिकित्सा टीम के हरसंभव प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। AIIMS जोधपुर परिवार दिवंगत आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना करता है एवं शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है।”

कौन थे दाउ लाल?

बता दें कि दाउ लाल वैष्णव राजस्थान के पाली जिले के जीवंद कला के मूल निवासी थे। बाद में वह अपने परिवार के साथ जोधपुर में बस गए। दाउ लाल वैष्णव एक अनुभवी वकील और आयकर सलाहकार थे, जिन्होंने कई वर्षों तक जोधपुर में प्रैक्टिस की। उनका मुख्य पेशा कानूनी सेवाएं और कर परामर्श देना था। अपने पेशेवर करियर के अलावा, उन्होंने अपने पैतृक गांव जीवंद कला में सरपंच का पद भी संभाला, जो उनके मजबूत नेतृत्व और जमीनी स्तर के शासन से जुड़ाव को दर्शाता है।

Share.

Alok Kumar Srivastava
Chief Editor

Address :    104, Bharsar, District – Ghazipur, Uttar Pradesh – 233300

Mobile        +91-98388 99305
Email        prabhatdarshan25@gmail.com

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

© 2025 prabhatdarshan.com 

Exit mobile version