गाड़ियों की दुनिया में कई पुराने फीचर्स समय-समय पर नए रूप में लौटते रहते हैं। ऐसा ही एक फीचर है ‘सुसाइड डोर्स’ यानी रियर-हिंज्ड दरवाजे, जो अब हाई-एंड लग्जरी कारों में फिर से दिखाई देने लगे हैं। ये दरवाजे सामने की बजाय पीछे की तरफ से खुलते हैं और कार में चढ़ने-उतरने को एक शाही अनुभव में बदल देते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं ये ‘मौत’ देने वाले दरवाजे और किन गाड़ियों में वापस आ रहे हैं।

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क्यों कहा गया इन्हें ‘सुसाइड डोर्स’
1930 और 1940 के दशक में कई लक्जरी कारों में सुसाइड डोर्स आम थे। 1960 के दशक में Lincoln Continental जैसी कारों ने इन दरवाजों को लोकप्रियता की ऊंचाई दी। लेकिन उस समय सीट बेल्ट्स और सेंट्रल लॉकिंग जैसी सुरक्षा सुविधाएं नहीं थीं। ऐसे में चलती कार में दरवाजे के अचानक खुलने से यात्रियों की जान पर खतरा मंडराने लगता था। हवा के दबाव से दरवाजा बाहर की तरफ खुल सकता था और यात्री बाहर गिर सकता था। इस खतरनाक स्थिति की वजह से इन्हें ‘सुसाइड डोर्स’ कहा जाने लगा।

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इसके अलावा, ऐसे दरवाजे सड़क की तरफ खुलते थे, जिससे उतरते समय सामने से आ रहे वाहन से टकराने का खतरा भी बढ़ जाता था। यही कारण था कि समय के साथ ये दरवाजे बाजार से गायब हो गए।

अब क्यों हो रही है वापसी?
आज के समय में सुसाइड डोर्स फिर से लग्जरी कारों में वापसी कर रहे हैं, लेकिन पूरी तरह नए अंदाज और अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीकों के साथ। आधुनिक लॉकिंग सिस्टम, मजबूती से बने हिंग्स और डिजाइन में बदलाव ने इन्हें अब पूरी तरह सुरक्षित बना दिया है।

इन दरवाजों की वापसी का सबसे बड़ा कारण है नॉस्टेल्जिया, रॉयल लुक और एक्सक्लूसिविटी। जब Rolls-Royce Phantom, Ghost और Cullinan जैसी कारों में ये दरवाजे खुलते हैं, तो वह सिर्फ एक कार में बैठने का नहीं बल्कि एक रॉयल एंट्री का अनुभव देते हैं। इन दरवादजों को अब ‘सुसाइड’ नहीं बल्कि ‘सिग्नेचर’ लुक कहा जाने लगा है।

अब सुसाइड नहीं, स्टाइल और स्टेटस का सिम्बल
आधुनिक सुसाइड डोर्स अब न केवल सुरक्षित हैं, बल्कि एक स्टेटस सिंबल भी बन चुके हैं। लक्जरी ब्रांड्स इन्हें एक एक्सक्लूसिव फीचर के तौर पर पेश कर रहे हैं, जो ग्राहकों को अनूठा और शाही अनुभव देता है।

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Alok Kumar Srivastava
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