सूरजपुर दिनांक 25 नवंबर 2025 को सर्दियों में पशुओं को ठंड से बचाना आवश्यक है यदि पशु को ठंडी हवा व धुन्ध, कोहरा से बचाने का समुचित प्रबंध ना हो तो पशु बीमार पड़ जाते है। जिससे उनके उत्पादन में तो गिरावट आती ही है साथ ही साथ पशु न्यूमोनिया जैसे रोगों के कारण मृत्यु भी हो सकती है। सर्दियों में पशुओं के रहन-सहन और आहार का समुचित प्रबंध करना अत्यंत आवश्यक है। यदि पशुओं के रहन-सहन और आहार का उचित प्रबंध इस प्रतिकूल मौसम में नहीं किया गया, तो पशु स्वास्थ्य एवं दुग्ध उत्पादन क्षमता पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। पशुपालकको को चाहिए कि व अपने पशुओं का सर्दी के मौसम में विशेष ध्यान रखे तथा उन्हें सर्दी से बचाने का उपाय करंे। शीत लहरों के दौरान जानवरों और पशुधन को जीविका के लिए अधिक भोजन की आवश्यकता होती है क्योंकि ऊर्जा की आवश्यकता बढ़ जाती हैं ।।
पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाईयां एवं चारा आदि के भण्डारण की जायें।
ठंडी हवाओं के सीधे संपर्क से बचने के लिए रात के दौरान सम्झी पशु आवास को स्मी दिशाओं से ढके।
पशुधन के आहार एवं खान-पान में वृद्धि करे। उच्च गुणवत्ता वाले चारे व चारागाहों का उपयोग करे। जलवायु अनुरूप शेड का निर्माण करे, जो सर्दियों के दौरान अधिकतम सूरज की रोशनी और गर्मियों के दौरान कम विकिरण की अनुमति देते हैं। सर्दियों के दौरान जानवरों के बैठने हेतु सूखे भूसे रखे। पालतू जानवरों पशुधन को शीत लहर से बचाने हेतु भवन के अंदर रखें तथा उन्हें कम्बल से ढके। ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों को अपने क्षेत्र के गौशाला, कांजीहाउस, गौधाम में चारे की पर्याप्त उपलब्धता तथा पशुओं हेतु पेयजल की उपलब्धता स्थानीय निकाय से समन्बय बनाकर सुनिश्चित करना चाहिए। पशुओं के बीमार होने पर नजदीकी पशु चिकित्सकीय संस्थान, पशु चिकित्सक से परामर्श लें।

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Alok Kumar Srivastava
Chief Editor

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