नई दिल्ली। त्योहारों के दौरान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद सोने और चांदी की कीमतों में पिछले दो हफ्तों से लगातार गिरावट जारी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, शादियों का सीजन शुरू होने के बावजूद भारतीय बाजार में दोनों कीमती धातुएं भारी दबाव में हैं।
दो हफ्तों में लाखों की गिरावट
IBJA के मुताबिक, 17 अक्टूबर को अपनी ऐतिहासिक ऊँचाई छूने के बाद से सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है।
| धातु (प्योरिटी) | ऑल टाइम हाई (17 अक्टूबर 2025) | आज का भाव (02 नवंबर 2025) | गिरावट (लगभग) |
| सोना (24 कैरेट/10 ग्राम) | ₹1,30,874 | ₹1,20,815 (लगभग ₹1,20,770) | ₹10,059 |
| चांदी (प्रति किलो) | ₹1,69,230 | ₹1,49,125 | ₹20,105 |
(नोट: IBJA के नवीनतम क्लोजिंग रेट्स के आधार पर गणना, आज रविवार होने के कारण दरें सीमित दायरे में हैं।)
📊 आज का ताजा भाव (02 नवंबर 2025)
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 02 नवंबर 2025 को 999 शुद्धता वाले सोने और चांदी के भाव कुछ इस प्रकार रहे:
| धातु | शुद्धता | भाव (प्रति 10 ग्राम/किलो) |
| सोना | 24 कैरेट (999) | ₹1,20,770 (प्रति 10 ग्राम) |
| सोना | 22 कैरेट (916) | ₹1,10,625 (प्रति 10 ग्राम) |
| चांदी | 999 फाइन | ₹1,49,125 (प्रति किलो) |
📉 गिरावट के मुख्य कारण
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे मुख्य रूप से वैश्विक कारक जिम्मेदार हैं:
- डॉलर की मजबूती: अमेरिका में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है। डॉलर के मजबूत होने से अन्य मुद्राओं में सोना महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक मांग प्रभावित होती है और कीमतें गिरती हैं।
- सुरक्षित निवेश से दूरी: भू-राजनीतिक तनाव में मामूली कमी और डॉलर की मजबूती के चलते निवेशकों ने सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के तौर पर सोने से पैसा निकालकर अन्य एसेट्स में लगाना शुरू कर दिया है, जिससे दबाव बना है।
- मुनाफावसूली (Profit Booking): रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद भारतीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों द्वारा मुनाफा कमाने के लिए बिक्री करना भी कीमतों में गिरावट का एक अहम कारण है।
