Heart Attack vs Cardiac Arrest: आजकल स्वस्थ दिखने वाले लोग भी अचानक दिल से जुड़ी गंभीर घटनाओं का शिकार हो रहे हैं, जिसमें सडन कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक मुख्य हैं. अक्सर लोग इन दोनों स्थितियों को एक जैसा मान लेते हैं, जबकि इनके कारण, लक्षण और इलाज बिल्कुल अलग होते हैं. हाल ही में अभिनेत्री शेफाली जरीवाला के असामयिक निधन ने सभी को झकझोर कर रख दिया, जो कार्डियक अरेस्ट का मामला बताया गया. इसके साथ ही हम सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे अनेक वीडियो देखते हैं जिसमें जिम में, डांस करते हुए, खेलते हुए हार्ट अटैक से लोगों की अचानक मौत हो जाती है. आखिर हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट क्या है? हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में क्या अंतर है, इनके लक्षण क्या हैं और सबसे जरूरी इस खतरे से बचने के लिए हमें क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए.

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हार्ट अटैक क्या है? (What Is Heart Attack)

डॉ मनोज कुमार अग्रवाल के अनुसार, दिल की धड़कन का अचानक रुक जाना हार्ट इलेक्ट्रिकल स्पीड सिस्टम और लय में व्यवधान के कारण होता है, जिससे हार्ट पंप करने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे वे चेतना और सांस लेने की क्षमता खो देते हैं. जबकि हार्ट अटैक रोगी को हार्ट इलेक्ट्रिकल सिस्टम को बाधित करके एससीडी के प्रति ज्यादा संवेदनशील बनाता है. हार्ट अटैक अन्य हार्ट कंडिशन के कारण भी हो सकता है. जन्मजात हार्ट रोग, इलेक्ट्रोलाइट डिसऑर्डर, हार्ट में अनुचित तरीके से काम करने वाले वाल्व जो SCA के जोखिम को भी बढ़ा सकते हैं.

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हार्ट अटैक के लक्षण (Cardiac Arrest Symptoms)

  • सीने में दर्द
  • सांस फूलना
  • पसीना
  • थकान

कार्डियक अरेस्ट क्या है? (What Is Cardiac Arrest)

कार्डियक अरेस्ट तब होता है जब दिल काम करना बंद कर देता है. यह गंभीर हार्ट डिजीज बिना किसी चेतावनी के हो सकता है. कार्डियक अरेस्ट के दौरान दिल धड़कना बंद कर देता है और ब्रेन और शरीर के अन्य भागों में ब्लड फ्लो को सीमित कर देता है. यह स्थिति आम तौर पर हार्ट के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में किसी समस्या के कारण होती है. कार्डियक अरेस्ट ब्लड फ्लो को कम कर देता है और एक ऐसी स्टेज तक बढ़ जाता है जब पूरे शरीर में ब्लड फ्लो नहीं होता है. कार्डियक अरेस्ट कई बार बहुत तेज और अचानक हो सकता है. यह रोगी को बेहोश कर देता है और अचानक मृत्यु का कारण भी बन सकता है.

कार्डिएक अरेस्ट के लक्षण (Cardiac Arrest Symptoms)

  • सांस लेने में कठिनाई
  • चक्कर आना
  • थकान
  • तेज धड़कन
  • उल्टी करना

आसान भाषा में समझें अंतर:

हार्ट अटैक

  • हार्ट की धमनियों में ब्लॉकेज के कारण ब्लड फ्लो रुकना
  • दिल धड़कता रहता है लेकिन ऑक्सीजन नहीं मिलती
  • सीने में दर्द, सांस फूलना, पसीना और थकान
  • गंभीर लेकिन समय मिलने पर इलाज संभव

कार्डियक अरेस्ट

  • हार्ट के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में गड़बड़ी से धड़कन रुकना
  • दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है
  • अचानक बेहोशी, सांस रुकना, पल्स गायब
  • तुरंत CPR और डिफिब्रिलेशन जरूरी

हार्ट अटैक एक “ब्लड सर्कुलेशन प्रोब्लम्स” है. हार्ट अटैक एक बंद धमनी ऑक्सीजन से भरपूर खून को हार्ट के एक कई हिस्सों में जाने से रोकती है. हार्ट अटैक पड़ने के बाद एससीए हो सकता है.

इसके विपरीत एससीए एक ‘इलेक्ट्रिकल समस्या’ है जिसमें हृदय धड़कना बंद कर देता है और पूरे शरीर में ब्लड को प्रभावी ढंग से पंप करने में असमर्थ होता है. एससीए बच्चों और किशोरों सहित सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है. हालांकि यह उम्र सीमा के आधार पर अलग-अलग लक्षण दिखाता है.

सडन कार्डिएक अरेस्ट का प्राइमरी कारण क्या है? | Primary Cause Of Sudden Cardiac Arrest

सडन कार्डिएक अरेस्ट का प्राइमरी कारण तब होता है जब हार्ट का इलेक्ट्रिक सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रही हो और हार्ट बहुत तेज या बहुत धीमी गति से धड़क रहा हो या यह अनियमित रूप से धड़क रहा हो. हालांकि कारण स्पष्ट नहीं है एससीए आमतौर पर कोरोनरी धमनी रोग (सीएडी) से जुड़ा होता है. ये एक ऐसी स्थिति है जहां धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने से हार्ट की मसल्स में ब्लड की सप्लाई कम हो जाती है. धूम्रपान और शराब पीने के अलावा, एक गतिहीन जीवन शैली जीना, जोरदार शारीरिक व्यायाम और अन्य जोखिम कारक भी SCA के लिए जिम्मेदार हैं.

इमरजेंसी के दौरान क्या करें?

कार्डियक अरेस्ट हार्ट अटैक से अलग होता है. यह एक गंभीर स्थिति है जिसके लिए तुरंत चिकित्सा सहायता की जरूरत होती है. जब हार्ट काम नहीं करता है तो ब्लड को पंप करने में सहायता के लिए रोगी को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन  (सीपीआर) दिया जा सकता है. लेकिन, मेडिकल हेल्प लेने में देरी नहीं करनी चाहिए. कुछ ही मिनटों के भीतर किसी भी तरह की चिकित्सा सहायता रोगी की जान बचा सकती है. ऐसी स्थिति में रोगी को तुरंत अस्पताल ले जाएं.

हार्ट अटैक और कार्डिएक अरेस्ट से बचने के उपाय?

1. धूम्रपान छोड़ें

धूम्रपान फेफड़ों के साथ-साथ आपके दिल की सेहत पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है. धूम्रपान से अन्य गंभीर जटिलताएं भी हो सकती हैं, इसलिए, समग्र स्वास्थ्य के लिए धूम्रपान छोड़ने की सलाह दी जाती है.

2. हेल्दी खाना खाएं

एक हेल्दी और बैलेंस डाइट आपकी हार्ट हेल्थ को बेहतर बना सकता है. ऐसे फूड्स को ज्यादा मात्रा में शामिल करें जो एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर हों. ताजे फल और सब्जियां सबसे अच्छे विकल्प हैं जिन्हें आप अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं.

3. अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल कंट्रोल करें

खराब कोलेस्ट्रॉल ळेवल भी हार्टडिजीज के लिए जिम्मेदार एक प्रमुख कारक है. अपने कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने के लिए प्रोसेस्ड फूड्स और खराब फैट वाले फूड्स से बचें.

4. व्यायाम

नियमित व्यायाम स्वाभाविक रूप से स्वस्थ रहने का सबसे अच्छा तरीका है. व्यायाम से दिल की सेहत अच्छी रहेगी. यह हार्ट डिजीज में योगदान देने वाले अन्य जोखिम कारकों को भी कंट्रोल करेगा.

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Alok Kumar Srivastava
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