मोटरसाइकिल चालाकों के लिए अच्छी खबर है। आने वाले दिनों में उनको खराब या लो क्वालिटी के हेलमेट से मुक्ति मिलने वाली है। दरअल, केंद्र सरकार ने राज्यों से बाइक चलाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घटिया हेलमेट मैन्युफैक्चरिंग करने वाली कंपनियों और खुदरा विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है। शनिवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि उपभोक्ता मामलों के विभाग और भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) देश भर के उपभोक्ताओं से केवल बीआईएस-प्रमाणित हेलमेट का उपयोग करने की अपील करते हैं। विभाग ने बीआईएस प्रमाणीकरण के बिना हेलमेट के विनिर्माण या बिक्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी आह्वान किया।

Kolkata gang rape case: गार्ड को तो धर लिया, लेकिन लॉ कॉलेज के प्रशासन पर अब तक क्या हुआ एक्शन, जानें

चालाकों की सुरक्षा सबसे पहले 

उपभोक्ता मामलों के विभाग ने कहा है कि भारतीय सड़कों पर 21 करोड़ से अधिक दोपहिया वाहन चल रहे हैं, ऐसे में सवारों की सुरक्षा सर्वोपरि है। विभाग ने दोहराया कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत दोपहिया चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है और घटिया व अवैध हेलमेट बेचना सीधी सुरक्षा से समझौता है। सरकार ने बताया कि 2021 से एक गुणवत्ता नियंत्रण आदेश लागू है, जिसके तहत दोपहिया चालकों के लिए BIS मानकों के तहत प्रमाणित ISI-मार्क वाले हेलमेट ही वैध माने जाते हैं। जून 2025 तक, देशभर में 176 हेलमेट निर्माता ऐसे हैं, जिनके पास वैध BIS लाइसेंस है।

संजू सैमसन पर हुई पैसों की बारिश, लीग इतिहास में बने सबसे महंगे खिलाड़ी, इस टीम से दिखेंगे खेलते हुए

विभाग के अनुसार, सड़क किनारे और अनियमित दुकानों पर बिक रहे कई हेलमेट अनिवार्य BIS सर्टिफिकेशन से रहित हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं की जान जोखिम में पड़ती है और सड़क दुर्घटनाओं में मौतों का बड़ा कारण बनता है। गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करने के लिए, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) नियमित रूप से कारखानों और बाजारों की निगरानी करता है और नियमों के उल्लंघन पर तलाशी और जब्ती अभियान चलाता है।

लाइसेंस रद्द किया गया

पिछले वित्त वर्ष के दौरान घटिया हेलमेट पर लगाम कसने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए। 500 से अधिक हेलमेट नमूनों का परीक्षण किया गया, जिनमें बीआईएस (BIS) मानक चिह्न के दुरुपयोग के कई मामले सामने आए। इसी क्रम में देशभर में 30 से अधिक तलाशी और जब्ती अभियान चलाए गए। दिल्ली में हुए एक बड़े अभियान के तहत, 9 हेलमेट निर्माताओं से 2,500 से ज्यादा अवैध और घटिया हेलमेट जब्त किए गए। इन कंपनियों के लाइसेंस या तो समाप्त हो चुके थे या रद्द कर दिए गए थे। इसके अलावा, 17 खुदरा दुकानों और सड़क किनारे के विक्रेताओं से करीब 500 घटिया हेलमेट भी जब्त किए गए। इससे पहले, उपभोक्ता मामले विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों (DC) और जिला मजिस्ट्रेटों (DM) को पत्र लिखकर देशव्यापी अभियान शुरू करने और गैर-अनुपालन वाले हेलमेट बेचने वाले विनिर्माताओं व दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही, बीआईएस के स्थानीय कार्यालयों को पुलिस और जिला प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय में रहने और कार्रवाई में सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया है।

Share.

Alok Kumar Srivastava
Chief Editor

Address :    104, Bharsar, District – Ghazipur, Uttar Pradesh – 233300

Mobile        +91-98388 99305
Email        prabhatdarshan25@gmail.com

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  

© 2025 prabhatdarshan.com 

Exit mobile version