बेगलुरु। कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) की ड्रेस पहनने वाले सरकारी कर्मचारी के निलंबन आदेश पर रोक लगा दी है। अदालत ने राज्य सरकार द्वारा जारी शाखा पर प्रतिबंध के आदेश पर भी अंतरिम स्थगन (स्टे) दे दिया है।
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मामला चिकमगलूर जिले के एक वन विभाग कर्मचारी से जुड़ा है, जिसे पिछले महीने आरएसएस की गणवेश पहनकर शाखा में शामिल होने पर निलंबित कर दिया गया था। राज्य सरकार ने आदेश दिया था कि “सरकारी कर्मचारी किसी भी धार्मिक या वैचारिक संगठन की गतिविधियों में शामिल नहीं होंगे।”
सरकारी आदेश के खिलाफ कर्मचारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति एम. नागप्रसाद की एकल पीठ ने कहा कि किसी व्यक्ति के विचारों या संगठनात्मक जुड़ाव के आधार पर उसकी नौकरी खतरे में नहीं डाली जा सकती, जब तक कि वह अपने आधिकारिक कर्तव्यों को प्रभावित न करे।
अदालत ने कहा कि सरकारी सेवा में रहते हुए भी नागरिकों को संविधान द्वारा प्रदत्त विचार और संगठन की स्वतंत्रता का अधिकार है। साथ ही, कोर्ट ने राज्य सरकार से इस मामले में विस्तृत जवाब 4 सप्ताह में दाखिल करने का निर्देश दिया।
उधर, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सरकार ने हाल ही में राज्य के सभी सरकारी संस्थानों में RSS शाखा लगाने पर प्रतिबंध लगाया था। इस आदेश को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।
हाईकोर्ट के इस फैसले को विपक्षी दलों ने “संविधान की जीत” बताया है, जबकि सरकार ने कहा कि वह कानूनी राय लेकर आगे की कार्रवाई करेगी।
